ICMR के महामारी विभाग के हेड का कहना- कोरोना की थर्ड वेव डेल्टा+ वैरिएंट की वजह से नहीं आएगी, तीसरी लहर दूसरी की तरह घातक भी नहीं होगी

ICMR के महामारी विभाग के हेड का कहना- कोरोना की थर्ड वेव डेल्टा+ वैरिएंट की वजह से नहीं आएगी, तीसरी लहर दूसरी की तरह घातक भी नहीं होगी

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देश के लिए घातक साबित हुई कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब पूरे देश में तीसरी लहर की चर्चा है। हर तरफ यह सवाल है कि तीसरी लहर कितनी घातक होगी। तीसरी लहर और कोरोना वायरस के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर  ने ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के प्रधान वैज्ञानिक समीरन पांडा से बात की। डॉक्टर पांडा ने कहा कि ‘अभी तक के संकेतों के मुताबिक, देश में तीसरी लहर दूसरी लहर की तरह घातक नहीं होगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब लोग कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करेंगे।’

सवाल: कोरोना की तीसरी लहर पर आपका क्या कहना है?
जवाब: तीसरी लहर आएगी या नहीं आएगी, यह हमारे बर्ताव पर निर्भर करता है। कोरोना की थर्ड वेव आने की कई वजहें हो सकती हैं। वायरस का नया वैरिएंट पुरानी इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है, जिससे केसेज की संख्या अचानक से बढ़ सकती है। या वायरस के प्रति जो इम्यूनिटी हासिल की है, वह धीरे-धीरे घट जाए। नया वैरिएंट अगर ज्यादा संक्रामक हुआ तो वह थोड़े ही समय में तेजी से केसेज बढ़ा सकता है।

एक और कारण यह हो सकता है कि सेकेंड वेव के समय जो लॉकडाउन लगाया गया था, उसे जल्दबाजी में हटाया गया। इसके बाद अगर लोग भी बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के लापरवाही बरतेंगे तो केसेज की संख्या तेजी से बढ़ेगी।

यह तो केसेज बढ़ने की वजह पर बात हो गई, लेकिन हमने जो मॉडलिंग एक्सरसाइज की है, उसमें पाया है कि तीसरी लहर आई भी तो वो दूसरी लहर की तरह घातक नहीं होगी। वैक्सीनेशन की रफ्तार और तेज करनी चाहिए, इससे तीसरी लहर दूसरी लहर के आंकड़ों तक नहीं पहुंच पाएगी।

सवाल: क्या डेल्टा प्लस वैरिएंट तीसरी लहर का कारण बन सकता है?
जवाब: मुझे नहीं लगता है कि तीसरी लहर का कारण डेल्टा प्लस बनेगा। अभी तक इस वैरिएंट के 50 के लगभग ही मरीज मिले हैं। जिन इलाकों में ये केसेज मिले हैं, उनकी एनालिसिस देखकर नहीं लगता कि यह बहुत तेजी से फैल रहा है। ऐसे में यह कहना कि इसके कारण तीसरी लहर आएगी, यह जल्दबाजी होगी। डेल्टा वैरिएंट के तेजी से फैलने की बात तो हमें दूसरी लहर से ही पता है। म्यूटेशन के बाद वह डेल्टा प्लस हो गया है। तीसरी लहर से बचना है तो वैक्सीन और कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा।

सवाल: क्या देश में मौजूदा वैक्सीन डेल्टा प्लस वैरिएंट पर असरदार है?
जवाब: अब तक मौजूद डेटा के मुताबिक, इसमें कोई शक नहीं है कि हमारी वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट पर कारगर है। डेल्टा प्लस पर यह कितनी असरदार होगी, बिना आंकड़ों के यह कहना जल्दबाजी होगी। इस पर रिसर्च चल रही हैं, कुछ समय बाद प्लस वैरिएंट पर वैक्सीन के असर के बारे में पूरी तरह पता चल जाएगा।

सवाल: 12 से 18 वर्ष के बच्चों के वैक्सीन की उम्मीद कब तक है?
जवाब: अभी इस पर मेडिकल ट्रायल चल रहा है। इसके नतीजे आने के बाद ही कुछ कहना ठीक होगा। यह बच्चों का मामला है, इसमें हमें धीरज से काम लेना चाहिए।

सवाल :क्या तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक होगी?
जवाब:
तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक होगी या नहीं होगी, यह मैं नहीं कह सकता, लेकिन रिसर्च कह रहे हैं कि तीसरी लहर ज्यादा घातक नहीं होगी। अगर वैक्सीनेशन की रफ्तार और बढ़ा दी जाए तो तीसरी लहर को बहुत हद तक काबू भी किया जा सकता है।

सवाल: कई जगह से फर्जी वैक्सीनेशन की खबरें आ रही हैं, उस पर आपका क्या कहना है?
जवाब: फर्जी कोई भी चीज हो चाहे वो खाने-पीने की हो या पढ़ाई लिखाई में। दवाइयों-वैक्सीनेशन के साथ जो लोग ऐसा कर रहे हैं, ऐसे लोगों को जेल में डालना चाहिए। मिलावट किसी भी मामले में हो बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

सवाल: क्या हमारी वैक्सीन लगाने की गति इतनी तेज है कि तीसरी लहर आने से पहले हम सभी को वैक्सीन लगा सकेंगे?
जवाब: तीसरी लहर तीन महीने बाद आए या छह महीने बाद आए। वह बहुत घातक नहीं रहने वाली है। मान लीजिए, वैक्सीन सभी को नहीं लगी और तीसरी लहर आ गई तो भी नुकसान ज्यादा नहीं होगा। वैक्सीन लोगों को तेजी से लगाई जा रही है। काफी लोगों को नेचुरल इंफेक्शन हुआ है। ऐसे में एक लेवल की इम्यूनिटी बन गई है।
देश के लोगों को कोरोना से जंग जीतने के लिए सिर्फ यह करना है कि मास्क का ठीक से इस्तेमाल करें। उसे गले में न लपेटें, ठीक तरीके से लगाएं। हाथ सैनिटाइज करते रहें। वैक्सीन जरूर लगवाएं। देश को लोगों को सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि हमें जीता हुआ मैच नहीं हारना है।

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