कोवैक्सिन पर सियासत: भाजपा ने कहा- कांग्रेस कोवैक्सिन पर भ्रम फैला रही, क्या गांधी परिवार ने टीका लगवाया, उन्हें इस पर भरोसा है?

कोवैक्सिन पर सियासत: भाजपा ने कहा- कांग्रेस कोवैक्सिन पर भ्रम फैला रही, क्या गांधी परिवार ने टीका लगवाया, उन्हें इस पर भरोसा है?

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कोवैक्सिन में बछड़े का सीरम मिलाए जाने के आरोपों पर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता गौरव पांधी ने जब एक RTI शेयर कर कहा कि कोवैक्सिन के निर्माण के लिए गाय-बछड़े मारे जा रहे हैं और मोदी सरकार को ये पहले बताना था तो भाजपा आक्रामक हो गई। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस एक बार फिर भ्रम फैला रही है। कोवैक्सिन में बछड़े का सीरम नहीं मिलाया गया है।

बछड़े का सीरम नहीं, वेरोसेल का इस्तेमाल- भाजपा
संबित पात्रा ने कांग्रेस के आरोपों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कोवैक्सिीन में गाय के बछड़े का सीरम होता है और खून होता है। जब हमने सोशल मीडिया में इस प्रचार को देखा तो उसमें यहां तक लिखा था कि गाय और बछड़ों को मारकर ये वैक्सीन तैयार की जा रही है। ये कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। कोवैक्सिन में बछड़े का सीरम नहीं है। वैक्सीन में वेरोसेल का इस्तेमाल किया जाता है। ये एक तरह से खाद का काम करता है। यह वेरोसेल समय के साथ साथ खत्म हो जाता है।

कांग्रेस को वैक्सीन हेजिटेन्सी के लिए जाना जाएगा- भाजपा
पात्रा ने कहा, “कांग्रेस को वेस्टेज और वैक्सीन हेजिटेन्सी के लिए जाना जाएगा। कोवैक्सिन पर कांग्रेस ने कई बार सवाल खड़े किए हैं। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बताएं कि उन्होंने कब वैक्सीन लिया था। क्या गांधी परिवार वैक्सीनेटेड है या नहीं? क्या गांधी परिवार को कोवैक्सिन पर भरोसा है? उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। वो तो कहते हैं कि जब उनकी सरकार आएगी तो वो वैक्सीन लगवाएंगे। रॉबर्ट वाड्रा ने भी वैक्सीन को लेकर सवाल खड़े किए थे। इस वैश्विक महामारी में हमें वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए, न कि भ्रम फैलाना चाहिए।’

भारत बायोटेक का जवाब- बछड़े का सीरम नहीं मिला
विवाद सामने आने के बाद कोवैक्सिन निर्माता भारत बायोटेक ने भी अपना जवाब जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि लोगों को जो वैक्सीन की डोज लगाई जा रही है, उस फाइनल डोज में बछड़े का सीरम इस्तेमाल नहीं किया गया है। भारत बायोटेक ने बताया कि नवजात बछड़े के सीरम का इस्तेमाल वायरल वैक्सीन बनाने में इस्तेमाल किया गया। इसका इस्तेमाल सेल्स की ग्रोथ के लिए किया गया पर कोरोनावायरस के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया गया और न ही इसे फाइनल फॉर्मूलेशन में यूज किया गया।

कांग्रेस ने किया था दावा
इससे पहले कांग्रेस के नेशनल कॉर्डिनेटर गौरव पांधी ने दावा किया था कि कोवैक्सिन बनाने में गाय के बछड़े के सीरम का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए 20 दिन से भी कम के बछड़े की हत्या की जाती है। पांधी ने एक RTI के जवाब में मिले दस्तावेज के हवाले से यह दावा किया था।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी सफाई दी
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफाई दी। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर कोवैक्सिन के बारे में गलत जानकारी शेयर की जा रही है। पोस्ट में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। नवजात बछड़े के सीरम का उपयोग सिर्फ वेरोसेल्स को तैयार करने में किया जाता है, जो बाद में अपने आप ही नष्ट हो जाते हैं। जब अंतिम समय में वैक्सीन का प्रोडक्शन होता है, तब इसका उपयोग नहीं किया जाता है।

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