वैक्सीनेशन पर राहुल की केंद्र को सलाह: कांग्रेस नेता बोले- इंटरनेट इस्तेमाल नहीं करने वालों को भी जीने का अधिकार; इन्हें वॉक-इन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाए

वैक्सीनेशन पर राहुल की केंद्र को सलाह: कांग्रेस नेता बोले- इंटरनेट इस्तेमाल नहीं करने वालों को भी जीने का अधिकार; इन्हें वॉक-इन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाए

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कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को वैक्सीनेशन से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि वैक्सीन के लिए सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन काफी नहीं है। वैक्सीन सेंटर पर वॉक-इन करने वाले हर व्यक्ति को टीका मिलना चाहिए। जीवन जीने का अधिकार उनका भी है, जिनके पास इंटरनेट नहीं है।

कोरोना पर सरकार को घेरते आए हैं
पिछले महीने राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था। राहुल ने कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए प्रधानमंत्री की नौटंकी जिम्मेदार है। वे कोरोना को समझ ही नहीं पाए। देश में जो डेथ रेट बताई गई वह भी झूठ है। सरकार को सच बोलना चाहिए।

वैक्सीनेशन को लेकर सरकार पर आरोप लगाए थे
1. सरकार की वैक्सीन स्ट्रैटजी फेल

राहुल ने कहा था कि कोरोना से निपटने के 4 तरीकों- टेस्टिंग, ट्रैकिंग, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन में से किसी भी सरकार के लिए 70-80% लोगों को टीके लगवाना सबसे सही बात होती। लेकिन सरकार यह अनुमान लगाने में ही विफल हो गई कि-

  • कितने लोगों को वैक्सीन की जरूरत होगी?
  • वैक्सीन के कितने डोज का ऑर्डर देना होगा?
  • देश की अपनी वैक्सीन बनाने की क्षमता कितनी होगी?
  • कितने वैक्सीन बाहर से मंगवानी होंगी और यह ऑर्डर कौन देगा?

2. वैक्सीन ऑर्डर में नाकामी माफी लायक नहीं
राहुल ने कहा था कि दूसरे देशों ने मई 2020 में ही वैक्सीन खरीद के ऑर्डर देने शुरू कर दिए थे। लेकिन मोदी सरकार ने भारत को नाकाम कर दिया। उसने वैक्सीन का पहला ऑर्डर जनवरी 2021 में दिया। सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार और राज्य सरकारों ने 140 करोड़ की आबादी और 18 साल से ऊपर के 94.50 करोड़ लोगों के लिए अब तक सिर्फ 39 करोड़ डोज ऑर्डर किए हैं। प्रमुख देशों में भारत की पर कैपिटा डोज खरीद सबसे कम है।

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