खाड़ी सफाई का सच: न सफाई, न ड्रेजिंग, खाड़ी जाम से पाैना इंच बारिश में ही रास्ते पर 3 फीट पानी, ऐसे हर साल 15 हजार लोग होते हैं परेशान

खाड़ी सफाई का सच: न सफाई, न ड्रेजिंग, खाड़ी जाम से पाैना इंच बारिश में ही रास्ते पर 3 फीट पानी, ऐसे हर साल 15 हजार लोग होते हैं परेशान

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विवेकानंद सोसाइटी के पास पूणा खाड़ी

  • 22 साल से हर मानसून में ओवरफ्लो हो रही पूणा खाड़ी, 65 सोसाइटियां होती हैं प्रभावित
  • मनपा का दावा: स्मार्ट सिटी का काम किया, मिट्टी नहीं हटा पाए, इसलिए बारिश का पानी नहीं निकला
  • हकीकत: खाड़ी कचरे से इतनी पटी कि नाली बन गई, घास तक उग आई, अब पानी ही नहीं ले रही

पूणा में खाड़ी की अभी तक न ड्रेजिंग हुई, न सफाई। अब खाड़ी बारिश का पानी ही नहीं ले रही। इस वजह से पाैना इंच बारिश से ही सड़क पर 3 फीट पानी भर गया। पिछले 22 साल से हर मानसून में यह खाड़ी अोवरफ्लो हो जाती है और इसका गंदा पानी आसपास स्थित 65 सोसाइटियों में भर जाता है। घरों में पानी भरने से 15 हजार लोग परेशान होते हैं।

सीमाड़ा में भी कई क्षेत्र खाड़ी ओवरफ्लो से प्रभावित होते हैं। अभी मानसून आया नहीं है फिर भी यह हाल है। सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक वराछा जोन में पौना एक इंच बारिश हुई, जिससे आईमाता रोड ब्रिज के नीचे पानी भर गया। पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

मनपा के इंजीनियर का कहना है कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 24X7 पानी सप्लाई का काम चल रहा है। इसके लिए पाइप लाइन डाली गई थी। मिट्टी नहीं हटाई गई, इसलिए पानी नहीं निकल पाया। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि खाड़ी की सफाई नहीं की गई है, इसलिए उसमें बारिश का पानी नहीं जा रहा है।

हर साल मानसून में यही समस्या होती है। अभी प्री-मानसून की ही बारिश हुई है, लेकिन खाड़ी का पानी लोगों के घर तक पहुंच गया है। मेयर हेमाली बोघावाला ने सोमवार को कहा था कि सफाई का काम खत्म होने वाला है, लेकिन आई माता रोड पर भरे पानी से उनके दावे की पोल खुल जाती है।

डायवर्जन दिया, लेकिन आउटलेट नहीं बंद किए

पूणा क्षेत्र में खाड़ी के ओवरफ्लो होने की समस्या 22 साल पुरानी है। इन 22 वर्षों में खाड़ी में आउटलेट की संख्या बढ़ती गई है। खाड़ी कचरे से पट सी गई है। इसके साथ खाड़ी में ड्रेजिंग का काम भी नहीं हो पाया है। वराछा जोन में सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक 38 मिमी बारिश हुई।

इसके कारण पानी भर गया। लस्काना खाड़ी से मनपा ने डायवर्जन तो दिया है, लेकिन आउटलेट बंद नहीं किए हैं। पंपिंग स्टेशन की संख्या जब तक नहीं बढ़ाई जाती तब तक आउटलेट बंद होना संभव नहीं है। डायवर्जन की वजह से सणिया हेमाद क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

घरों के आसपास पानी भर जाता है तो तीन-चार दिन तक निकलता ही नहीं

आईमाता रोड निवासी सुधीर भाई ने बताया कि खाड़ी ओवरफ्लो होने की समस्या 22 साल से है। एक बार घरों के आसपास पानी भर जाता है तो तीन चार दिन तक नहीं निकलता। खाड़ी का पानी बैक मारता है। स्थानीय लोग इससे काफी परेशान होते हैं। गंदा पानी घरों तक आने से आने-जाने में दिक्क्त के साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

हाइड्रोलिक विभाग ने पाइपलाइन डाली, लेकिन मिट्‌टी नहीं हटाई

वराछा जोन-ए के कार्यपालक इंजीनियर एजे देसाई ने बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत लोगों को 24 घंटे पानी मिल पाए, इसलिए हाईड्रोलिक विभाग ने पाइप लाइन डाली थी। अभी पूरी तरह से लाइन सूखी नहीं, इसलिए खोदी गई मिट्टी नहीं वहीं पड़ी है। इस मिट्टी की वजह से बारिश का पानी खाड़ी में नहीं जा पाया और सड़क पर भर गया।

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