खास बातचीत: डायरेक्‍टर सुपर्ण वर्मा ने बताया-‘द फैमिली मैन 2’ में पीएम बासु का किरदार देश की फीमेल पॉलिटिशियंस से प्रेरित, शो पर लग रहे सभी आरोपों को किया खारिज

खास बातचीत: डायरेक्‍टर सुपर्ण वर्मा ने बताया-‘द फैमिली मैन 2’ में पीएम बासु का किरदार देश की फीमेल पॉलिटिशियंस से प्रेरित, शो पर लग रहे सभी आरोपों को किया खारिज

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इन दिनों लगातार चर्चा में रह रही ‘द फैमिली मैन 2’ कई कारणों से विवादों में भी है। शो पर आरोप हैं कि पीएम बासु का किरदार जानबूझकर सत्‍तारुढ़ दल को खिझाने के इरादे से एक खास तेवर वाला बनाया गया है। उनके सलाहकार का नाम भी इरादतन संबित रखा गया है। लिट्टे का प्‍लॉट भी पिरोया गया है। इन सब आरोपों को शो के डायरेक्‍टर सुपर्ण एस वर्मा ने खारिज किया है।

फीमेल पॉलिटिशियंस से प्रेरित है पीएम बासु का किरदार
से खास बातचीत में सुपर्ण एस वर्मा ने बताया, “पीएम बासु के लिए सच कहूं तो हमने कई पॉलिटिशियंस से प्रेरणा ली है। खासकर जो उनका ड्रेसिंग सेंस है, उसके लिए हमने सुषमा स्‍वराज, रेणुका चौधरी जी, ममता जी और स्‍मृति जी से इंस्‍पि‍रेशन ली हैं। हमारे देश में फीमेल पॉलिटिशियंस गजब की रहीं हैं। उन सबसे हमने थोड़े-थोड़े एलिमेंट्स लिए हैं। हमने कोई पॉइंट प्रूव करने के लिए इसे नहीं बनाया है। पीएम बासु को देख हमें सबकी याद आएगी।”

राइटर ने विपिन शर्मा के किरदार का नाम संबित रखा था
सुपर्ण एस वर्मा ने बताया, “हमारे राइटर सुमन कुमार ने विपिन शर्मा के किरदार का नाम संबित रखा था। उस किरदार की लाइफ में हजार परेशानियां हैं। वो देश को संभाल रहें हैं। साथ में पीएम को भी संभालना है। कई विभाग को भी संभालना है। इन सब के बीच उनके चाय के अपने छोटे मोमेंट्स भी हैं।”

9 एपिसोड में 3 ऐसे सीन हैं, जो सिंगल टेक में फिल्‍माए गए
डायरेक्‍टर ने कहा, “पूरे 9 एपिसोड में तीन ऐसे सीन हैं, जो सिंगल टेक में फिल्‍माए गए हैं। एक तो हमारा ओपनिंग सीक्‍वेंस, दूसरा जब पुलिस स्‍टेशन पर लोकल लोगों और रेबेल ग्रुप का हमला होता है और तीसरा क्‍लाइमैक्‍स में जो प्‍लेन ब्‍लास्‍ट वाला सीन है। ब्‍लास्‍ट वाला सीन बारामती में शूट किया गया। बाकायदा वीएफएक्‍स स्‍टोरी बोर्ड बनाया गया। तब आधे सीन में असली प्‍लेन और कई हिस्‍से वीएफएक्‍स के लिए रखा गया। यह सब सिंगल टेक में फिल्‍माया गया।”

‘राजी’ के रोल के लिए सामं‍था ने डेढ़ महीने कॉम्‍बैट ट्रेनिंग ली
सुपर्ण ने कहा, “तमिल रिबेल ‘राजी’ के रोल में सामं‍था अक्‍कीनेनी ने काफी एफर्ट डाला। उन्‍हें पहले एक कैरेक्‍टर स्‍केच भेजा गया था। उसमें एक तमिल रिबेल हाथों में चाकू लिए है। जरा सा ब्रीफ भी था कैरेक्‍टर का। वह सब देखते और पढ़ते ही सामंथा ने हां कह दिया। उन्‍होंने पूरा एक्‍शन खुद किया। बॉडी डबल का यूज नहीं किया। उसके लिए उन्‍होंने डेढ़ महीने कॉम्‍बैट ट्रेनिंग ली। तब जाकर स्‍क्रीन पर उनका एक्‍शन धारदार नजर आता है।”

किरदार के लिए सामंथा ने तमिल रिबेल की दर्जनों डॉक्‍युमेंट्रीज देखीं
सुपर्ण आगे कहते हैं, “‘राजी’ की रूह में जाने के लिए सामंथा ने तमिल रिबेल की दर्जनों डॉक्‍युमेंट्रीज देखीं। उन्‍हें तमिल रिबेल का दर्द पता था। तभी पूरी सीरीज में वो ‘राजी’ की आंखों में सूनापन ला सकीं। रिबेल्‍स का दर्द महसूस करने के चलते ही एक पॉइंट पर सामंथा असल में एपिसोड तीन के एक सीन में टूट गई थीं। वह बहुत रोने लग गई थीं, जब ‘राजी’ फाइनली तमिलनाडू वाले घर से बाहर निकलती है।”

सुपर्ण ने कहा, “रहा सवाल डार्क टोन कलर विवाद का तो दो चीजें हैं। एक तो उन्‍हें कलर नहीं किया। कई बार होता है, जब किसी को खूबसूरत दिखाने के लिए उजला कलर डाला जाता है या डार्क दिखाना है तो ब्‍लैक किया जाता है। हम इनमें यकीन नहीं रखते। ‘राजी’ हमारे लिए बहुत खूबसूरत है। हमने उन्‍हें वो टोन इसलिए दिया क्योंकि श्रीलंका की कड़ी धूप में ‘राजी’ की ट्रेनिंग हुई है। श्रीलंका की उस धूप में स्‍क‍िन तप जाती है। तो कलर टोन डार्क हो ही जाता है।”

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