महाराष्ट्र में 1 लाख से ज्यादा हुईं मौतें: दुनिया में 10वें स्थान पर पहुंचा महाराष्ट्र, 5 महीने में हुई 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत; देश की 29% मौतें सिर्फ यहां हुई

महाराष्ट्र में 1 लाख से ज्यादा हुईं मौतें: दुनिया में 10वें स्थान पर पहुंचा महाराष्ट्र, 5 महीने में हुई 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत; देश की 29% मौतें सिर्फ यहां हुई

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दूसरी लहर के दौरान महाराष्ट्र के लोगों ने कोरोना का सबसे अधिक प्रकोप झेला है। पिछले तकरीबन डेढ़ साल के दौरान राज्य में 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत इस महामारी से हुई है। कुल मौतों के मामले में यह पूरी दुनिया में 10 नंबर पर है, जबकि भारत में इसका स्थान टॉप पर है। 1 लाख के आंकड़े के साथ महाराष्ट्र ने दुनिया के 212 देशों को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, इनमें से कई ऐसे देश हैं, जिनकी जनसंख्या राज्य में हुई मौत से भी कम है।

भारत की 29% मौतें महाराष्ट्र में हुई
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 618 लोगों की मौत हुई है। अब तक कोरोना से देश में 3 लाख 47 हजार 28 लोगों की मौत हुई है, जिसमें से सबसे अधिक 1 लाख 130 मौत महाराष्ट्र में हुई है। यानी देश में हुई 29 प्रतिशत मौतें सिर्फ महाराष्ट्र में हुई है। मृतकों की संख्या पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में ज्यादा देखने को मिली है। इस दौरान बेड्स, अति आवश्यक दवाइयां और ऑक्सीजन की कमी भी लोगों को झेलनी पड़ी।

हर दिन औसतन 220 लोगों ने तोड़ा दम
9 मार्च को राज्य में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था, तब से लेकर अब तक 453 दिन में राज्य में 1 लाख 130 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी हर दिन औसतन 220 लोगों ने दम तोड़ा है।महाराष्ट्र में संक्रमण का पहला मामला 9 मार्च को सामने आया था। पहली मौत 17 मार्च को हुई थी। संक्रमण के चलते 31 मार्च तक राज्य में 10 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 302 केस सामने आए थे। इसके बाद मृतकों के संख्या लगातार बढ़ती रही।

राज्य में ऐसे बढ़ा मौतों का आंकड़ा

तारीख मौत दिन
17 मार्च पहली मौत
11 जुलाई 2020 10 हजार 117
16 अगस्त 2020 20 हजार 36
15 सितंबर 2020 30 हजार 30
10 अक्टूबर 2020 40 हजार 25
9 जनवरी 2021 50 हजार 91
18 अप्रैल 2021 60 हजार 99
2 मई 2021 70 हजार 14
15 मई 2021 80 हजार 13
25 मई 2021 90 हजार 10
6 जून 2021 1 लाख 12

पहली 50 हजार मौतें 10 महीने में, दूसरी सिर्फ 5 महीने में हुई
राज्य की मृत्यु लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. अविनाश सुपे ने कहा कि महामारी के पहले 10 महीनों (मार्च और दिसंबर 2020 के बीच) में, महाराष्ट्र में लगभग 50,000 मौतें हुईं। दूसरी लहर के दौरान यानी अगले पांच महीनों में जनवरी से 6 जून तक 50 हजार से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ा है। 8 मार्च, 2020 के बीच, जब पहला मामला सामने आया था और 31 दिसंबर 2020 के बीच, राज्य में 49,521 मौतें हुईं। 1 जनवरी से अब तक राज्य में 50,609 मौतें हुई हैं। साल 2020 के दौरान महाराष्ट्र में 19 लाख केस थे। इस साल यह अब तक 40 लाख तक पहुंच गए हैं।

मृतकों की संख्या पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में ज्यादा देखने को मिली है।

मृतकों की संख्या पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में ज्यादा देखने को मिली है।

30 दिन में कम हुए 4.53 लाख एक्टिव मरीज
मौतों का आंकड़ा भले ही डराने वाला है, लेकिन संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है। पिछले 30 दिनों में एक्टिव मरीजों की संख्या में 71 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। महज 30 दिन में एक्टिव मरीजों की संख्या 4,53,548 से कम हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 12,557 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इतने ही वक्त में 14,433 मरीज ठीक होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो गए, जिसके बाद अब रिकवर करने वालों की कुल संख्या 55,43,267 हो गई है। राज्य में अब रिकवरी रेट 95.05% और मृत्यु की दर 1.72 प्रतिशत है। राज्य में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 1,85,527 है।

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