प्रतिभा को सम्मान देने की कोशिश: केंद्र को पद्म पुरस्कारों के लिए गुमनाम हीरोज की तलाश, राज्यों से स्पेशल सर्च कमेटी बनाने के लिए कहा

प्रतिभा को सम्मान देने की कोशिश: केंद्र को पद्म पुरस्कारों के लिए गुमनाम हीरोज की तलाश, राज्यों से स्पेशल सर्च कमेटी बनाने के लिए कहा

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पद्म पुरस्कारों के लिए 1 जून से 15 सितंबर तक ऑनलाइन पोर्टल padmaawards.gov.in पर आवेदन करने के लिए विंडो खुली रहेगी।

केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों के नॉमिनेशन की प्रोसेस शुरू कर दी है। सरकार का जोर इसके लिए ऐसे लोगों को चुनने का है जिन पर उनके असाधारण योगदान के बावजूद अब तक ध्यान नहीं दिया गया हो। इसके लिए केंद्र ने सभी राज्यों से ऐसे प्रतिभाशाली लोगों का पता लगाने के लिए स्पेशल सर्च कमेटी बनाने के लिए कहा है, जिन्हें पद्म पुरस्कारों के लिए नॉमिनेट किया जा सकता है। नरेंद्र मोदी सरकार पहले भी कई ऐसे गुमनाम लोगों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित कर चुकी है।

इस मसले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ सेक्रेटरी को लेटर भेजा था। सरकार ने पद्म पुरस्कारों के लिए 1 जून से 15 सितंबर तक ऑनलाइन पोर्टल padmaawards.gov.in पर आवेदन करने के लिए विंडो खोली है। इन पुरस्कारों का ऐलान गणतंत्र दिवस, 2022 की पूर्व संध्या पर किया जाएगा।

प्रतिभा को मान्यता देने से पुरस्कारों की प्रतिष्ठा बढ़ेगी
गृह मंत्रालय के मुताबिक, पहले भी यह देखा गया है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों से जुड़े नॉमिनेशन मिलते हैं, जो प्रतिभाशाली होते हैं लेकिन समाज में उनकी पहचान सामने नहीं हो पाती। ऐसे कई लोगों को इस वजह से नजरअंदाज कर दिया जाता है कि वे पब्लिसिटी नहीं चाहते हैं।

होम मिनिस्ट्री के जॉइंट सेक्रेटरी आरके सिंह ने पत्र में लिखा है कि ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए ठोस कोशिशें करने की गुजारिश की जाती है, जिनके हुनर और उपलब्धियों को मान्यता दी जानी चाहिए। उनके पक्ष में नॉमिनेशन करें। यह कहने की जरूरत नहीं है कि ऐसे काबिल लोग को मान्यता देने से इन पुरस्कारों की प्रतिष्ठा बढ़ जाएगी। यह सुझाव दिया जाता है कि ऐसे लोगों की पहचान के लिए स्पेशल सर्च कमेटी बनाई जाए। उनके नामों पर विचार करके अपनी सिफारिश और नामांकन को फाइनल किया जाए।

चयन के लिए एक ही पैमाना- एक्सीलेंस प्लस
राज्यों से कहा गया था कि सिफारिशों को अंतिम रूप देते समय, यह ध्यान रखना चाहिए कि जिन लोगों की सिफारिश की गई है, वे अपने लाइफटाइम अचीवमेंट्स को देखते हुए पुरस्कार के काबिल हों।
चयन के लिए पैमाना हमेशा ‘एक्सीलेंस प्लस’ होना चाहिए। इन पुरस्कारों के लिए लोगों की सिफारिश करते समय हाईएस्ट स्टैंडर्ड्स को लागू किया जाना चाहिए।

मरणोपरांत पुरस्कार देने पर भी विचार
पत्र में कहा गया है कि पद्म पुरस्कार देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार है। इसलिए इस पर भी विचार किया जाना चाहिए कि क्या सिफारिश किए गए व्यक्ति को पहले कोई नेशनल अवॉर्ड या उसके क्षेत्र में राज्य पुरस्कार दिया गया है। खासतौर से महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, SC और ST और दिव्यांगों में से ऐसे प्रतिभाशाली लोगों की पहचान की जानी चाहिए, जो पुरस्कार के लिए काबिल हैं।
बहुत ज्यादा योग्य मामलों में सरकार मरणोपरांत पुरस्कार देने पर भी विचार कर सकती है। यदि सम्मानित किए जाने वाले व्यक्ति की मृत्यु हाल ही में हुई हो, जैसे गणतंत्र दिवस से पहले एक साल के अंदर तो उसके लिए पुरस्कार की घोषणा करने का प्रस्ताव है। ऐसे लोगों को भी पुरस्कार दिया जा सकता है, जिन्हें पहले एक पुरस्कार मिल चुका है, बशर्ते कि इसे कम से कम 5 साल बीत चुके हों। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर PSU में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं।

ऐसे करना होगा आवेदन
पोर्टल पर दिए गए फॉर्मेट में नॉमिनेशन या सिफारिशों के बारे में सभी जरूरी जानकारियां होनी चाहिए। इसमें 800 शब्दों तक उस व्यक्ति की उपलब्धि या योगदान के बारे में बताना चाहिए। किसी व्यक्ति की ऑनलाइन सिफारिश करते समय, यह तय किया जाना चाहिए कि सभी जरूरी बातें ठीक से दी गई हैं।

इन फील्ड से जुड़े लोग कर सकते है अप्लाई
पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री) देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। ये आर्ट्स, लिटरेचर और एजुकेशन, स्पोर्ट्स, मेडिसिन, सोशल वर्क, साइंस और इंजीनियरिंग, पब्लिक अफेयर्स, सिविल सर्विस, ट्रेड और इंडस्ट्री जैसे सभी क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों को दिए जाते हैं।

राज्य सरकारों के अलावा, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, केंद्रीय मंत्रालय, गैर सरकारी संगठन और व्यक्ति खुद भी पद्म पुरस्कारों के लिए अपना नामांकन भेज सकते हैं।

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