कोरोना अब ढलान पर: सूरत के सिविल अस्पताल में 40 दिनों में घट गए 30 गुना मरीज, 40 दिन पहले 1200 मरीज थे; अब केवल 66 ही भर्ती

कोरोना अब ढलान पर: सूरत के सिविल अस्पताल में 40 दिनों में घट गए 30 गुना मरीज, 40 दिन पहले 1200 मरीज थे; अब केवल 66 ही भर्ती

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सिविल अस्पताल में खाली पड़े कोविड वार्ड के बेड।

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित सूरत में नए केस अब 150 के नीचे आ गए हैं। गुरुवार को 137 मरीज सामने आए और 357 मरीज डिस्चार्ज हुए। इनमें शहर के 80 और ग्रामीण के 57 मरीज हैं। शहर और जिले में अब तक 141505 पाॅजिटिव आ चुके हैं। अब तक 2079 मौत हो चुकी है। अब तक 136560 मरीज ठीक हो चुके हैं।

शहर सिविल अस्पताल में तीन इमारतों में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा था, जो अब सिमट कर एक अस्पताल में रह गया है। किडनी अस्पताल में इलाज बंद कर दिया है। अब मात्र स्टेम सेल कोरोना अस्पताल में ही कोरोना के मरीज भर्ती हैं। 40 दिन के भीतर अस्पताल में 30 गुना मरीज घटे गए हैं। 40 दिन पहले सिविल अस्पताल में 1200 मरीजों का इलाज चल रहा था, अब यहां 66 मरीज भर्ती हैं।

वहीं, प्रदेश में भी कोरोना अब ढलान पर है। पीक गुजर जाने के बाद से कोरोना के केसों के लगातार कमी आ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहली मई को जहां 14 हजार के करीब केस मिले थे, वहीं 172 लोगों ने जान गंवाई थी। अब 31वें दिन केस घटकर 1681 पर आ गए जबकि मौतें घटकर 18 पर आ गई। यानी 31 दिन के अंदर कोरोना के केसों में अाठ गुना जबकि मौतें 9 गुना कम हो गईं।

ये सब संभव हुआ नाइट कर्फ्यू, सख्त पाबंदियां और वैक्सीनेशन में तेजी से। दरअसल, सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए 36 शहरों में नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ सख्त पाबंदियां लगा दी थी। इसके अलावा वैक्सीनेशन में तेजी केसों के घटने का मुख्य कारण रहा। अब प्रदेश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 8,09,169 पर पहुंच गई है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 9,833 हो गया है।

इधर, डांग जिला एक बार फिर कोरोना के चंगुल से निकल गया है। यहां लगातार चौथे दिन कोई मामला सामने नहीं आया है। पिछले 24 घंटे में 4,721 लोगों ने कोरोना को हराया। ठीक होने वालों का आंकड़ा अब बढ़कर 7,66,991 पर पहुंच गया है। ​सक्रिय मामलों की बात करें तो एक मई को जहां 1.42 लाख एक्टिव केस थे, वहीं अब यह घटकर 32,345 रह गए हैं।

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