फिल्म शूटिंग में लोकेशन का रोना: देश अनलॉक हुआ तो भी फिल्मों की शूटिंग शुरू होने में 2 बड़े संकट, विदेशों में नो-एंट्री और देश में होगा मानसून

फिल्म शूटिंग में लोकेशन का रोना: देश अनलॉक हुआ तो भी फिल्मों की शूटिंग शुरू होने में 2 बड़े संकट, विदेशों में नो-एंट्री और देश में होगा मानसून

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  • ज्यादातर देशों में फिलहाल ट्रेवल बैन है, मेकर्स नई और आसान लोकेशंस की तलाश में

देश फिर से अनलॉक की तरफ जा रहा है, लेकिन फिलहाल बॉलीवुड को पटरी पर आने में खासा समय लग सकता है। आउटडोर शूटिंग अभी संभव नहीं होगी। इसके दो कारण हैं। पहला, अभी भले ही कई राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन शूटिंग के लिए पहले जैसे नॉर्मल हालात बनना अभी संभव नहीं है। दूसरा, जल्द ही देश में मानसून की आमद होने वाली है। इस वजह से कई फिल्मों के शूटिंग और रिलीज प्लान बिगड़ सकते हैं।

मुंबई में अप्रैल के अंत से शूटिंग बंद है। गोवा और हैदराबाद जैसी जगहों पर कई टीवी सीरियल्स और फिल्मों के शूट शिफ्ट हुए थे, लेकिन बाद में कोरोना के कारण बिगड़े हालातों के चलते सब जगह ब्रेक लग गया। दुनिया के कई देशों में भी फिलहाल भारतीयों के ट्रेवल पर बैन लगा हुआ है। ऐसे हाल में देश या विदेशी लोकेशंस पर शूटिंग शुरू होना संभव नहीं है।

कई बार तो एक साल पहले से होती है प्लानिंग
इन्द्रकुमार और अजय देवगन प्रोडक्शन सहित कई प्रोड्यूसर्स की फिल्मों के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर दिलीप मिस्त्री ने को बताया कि अनलॉक होने के तुरंत बाद आउटडोर शूट शुरू करना संभव नहीं है। आउटडोर शूट में बहुत लंबी प्लानिंग होती है। स्क्रिप्ट की डिमांड के अनुसार यह प्लानिंग दो-तीन महीने से लेकर एक साल एडवांस भी हो सकती है। इसमें टेक्निकल चीजें, लोकल लेबर और वहां शूटिंग की परमिशन सहित कई व्यवस्थाएं जुटानी होती हैं।

अब शुरू होगा एडजस्टमेंट
इस हालत में इंडस्ट्री में अब एडजस्टमेंट शुरू होगा। जिनकी थोड़ी ही शूटिंग बाकी है, शूटिंग कंटिन्यूटी चाहिए या सेट खड़े हुए हैं, उनको एडवांस देना होगा। डेट्स शेड्यूल होंगी। इससे फिल्मों की रिलीज भी आगे बढ़ेगी। आजकल कई बड़े सितारे प्रोड्यूसर भी हैं, इसलिए वो एक दूसरे की परिस्थितियों को समझते हैं।

मानसून भी बनेगा मुसीबत
मिस्त्री बताते हैं कि ये सब सेट हो जाएगा तो भी, एक बड़ा फैक्टर मानसून है। जैसे अजय देवगन की फिल्म मैदान के लिए एक आर्टिफिशियल स्टेडियम बनाया गया है। वहां बारिश में शूट संभव नहीं होगा। मानसून में जंगल बंद हो जाएंगे, मतलब अक्टूबर तक वहां शूटिंग नहीं होगी। किसी हिल स्टेशन पर भी नहीं, इस मौसम में किसी जगह पर कब बादल छा जाएं, तूफानी हवा आ जाए, यह तय नहीं होता।

प्राकृतिक आपदा से अगर सेट को नुकसान होता है या किसी टेक्नीशियन या आर्टिस्ट को कोई प्रॉब्लम होती है तो उसके लिए इंश्योरेंस का प्रावधान कुछ प्रोडक्शन हाउस करते हैं। कोरोना जैसी महामारी के चलते शूटिंग रुके तो इससे नुकसान का कोई इंश्योरेंस नहीं है।

कल का किसको पता
मिस्त्री बताते हैं कि सबसे अहम बात तो यह है कि अनलॉक जो भी होगा, जैसे भी होगा, लेकिन कोई यह नहीं बता सकता के अगले एक या दो महीने बाद क्या स्थिति होगी। पिछले डेढ़ साल में इंडस्ट्री को बहुत नुकसान हुआ है। बड़े-बड़े लोगों को भी झटका लगा है। अब सब एक-एक कदम सोच-समझकर लेंगे। सीरियल्स की शूटिंग तो किसी रिसोर्ट में भी स्क्रिप्ट में बदलाव करके की जा सकती है लेकिन फिल्में ऐसे नहीं बनाई जा सकती हैं।

भारत छोड़कर थाईलैंड चले विदेशी प्रोड्यूसर
फिल्म लोकेशन सर्विस कंपनी फिल्मेपिया के डायरेक्टर बेंजामिन जेकब ने को बताया कि अभी सिर्फ बिग बजट फिल्में ही नहीं, एड कमर्शिअल्स और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग भी बंद है। यूके, यूएसए और यूरोप के प्रोडक्शन हाउस और ब्रांड्स ने भारत के अपने शूटिंग प्लान या तो पोस्टपोन कर दिए या फिर थाईलैंड जैसी जगहों पर चले गए।

जैसे, एप्पल टीवी प्लस की सीरिज शांताराम की शूटिंग मध्य प्रदेश के भोपाल में हो रही थी, लेकिन लॉकडाउन के बाद शूटिंग थाईलैंड शिफ्ट हो गई। आउटडोर शूटिंग भी एक इंडस्ट्री है, जहां शूट होता है, वहां लंबे समय तक कई सारी कमर्शियल एक्टिविटी रहती हैं। केटरिंग, ट्रांसपोर्ट, टेन्ट, ग्राउंड सपोर्ट टीम्स, टेक्नीशियन, इक्विपमेंट रेंटल सर्विस ये सब का काम बंद हुआ है।

अमेरिका अनलॉक हो गया, पर बॉलीवुड को क्या फायदा
दिक्कत सिर्फ अपने देश में शूटिंग की नहीं है। अमेरिका और यूके समेत कई जगह पर अनलॉक हो चुका है, लेकिन उससे बॉलीवुड को कोई फायदा नहीं क्योंकि अभी भारत से वहां ट्रेवल की इजाजत नहीं है। ऐसे में शायद कुछ प्रोड्यूसर फॉरेन लोकेशन चेंज कर सकते हैं।

भारतीय फिल्म जगत में लोकेशन गुरु माने जाने वाले चेन्नई के आर. नटराजन बाहुबली समेत कई बड़ी फिल्मों के लोकेशन कन्सल्टेंट रह चुके हैं। फिलहाल वे सिर्फ विदेशी लोकेशंस की ही कन्सल्टेंसी करते हैं। नटराजन ने बताया कि अभी विदेशों में शूटिंग को लेकर बहुत कन्फ्यूजन है। एक के बाद एक कई देश भारत से फ्लाइट्स पर पाबंदी लगा चुके हैं। अभी कंटेट की डिमांड बढ़ी है। लोग ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी फिल्में और वेब सीरीज देख रहे हैं। ऐसे में पूरी इंडस्ट्री बाउन्स बैक करेगी, यह तय है। इसी इंतजार के साथ हम कई नए ऑप्शन तलाश रहे हैं।

बॉलीवुड का फेवरेट गोवा अब सुनसान
गोवा में आउटडोर शूटिंग एक्सपर्ट सलिल काकड़े ने बताया कि मुंबई में शूट बंद हुए तो काफी सीरियल्स की शूटिंग गोवा में शिफ्ट हो गई थी, लेकिन अभी 31 मई तक लॉकडाउन की वजह से सारी परमिशन निरस्त हो चुकी हैं। गोवा हिंदी फिल्म का फेवरेट लोकेशन है। नॉर्मल दिनों में साउथ गोवा में कहीं ना कहीं शूटिंग होती रहती है। अब 31 मई के बाद अगर शूटिंग परमिशन मिलती भी है तो जून में तो यहां बारिश शुरू हो जाएगी।

गोवा में मानसून भी बहुत एक्टिव होता है। किसी को बारिश के सीन चाहिए तो ठीक है, बाकी पूरे मानसून में यहां शूटिंग पॉसिबल ही नहीं। वैसे भी पूरा स्टेट टूरिज्म इकोनॉमी पर चलता है। इसमें भी फिल्म शूटिंग आय का बहुत बड़ा हिस्सा है। होटल, रेस्त्रां, टैक्सी, जनरेटर और कई सारी चीजों के वेंडर्स को रेगुलर काम मिलता है।

अभी के ऑप्शन: इनडोर शूटिंग ही संभव
जैकब के मुताबिक भारतीय फिल्म उद्योग जुझारू है। यहां लोग ऐसी परिस्थिति में बैठे रहने के बदले कई सारे ऑप्शन सोचते हैं। हम अपने क्लाइंट के साथ कुछ ऑप्शन पर वर्कआउट कर रहे हैं। एक तो यह कि अभी ऐसी स्क्रिप्ट पर ही काम किया जाए, जिसमें आउटडोर शूट की खास जरूरत न हो। दूसरा सेट्स और स्टूडियो के अलावा कोई बड़ी प्रॉपर्टी जैसे फॉर्म हाउस या रिसोर्ट में शूटिंग की जाए। आईपीएल में जैसे बायो-बबल क्रिएट किया गया था, वैसे ही यहां शूटिंग हो सकती है। साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी अभी सुरक्षा और फेसिलिटी के हिसाब से नॉर्थ इंडिया के रिमोट लोकेशन खोज रहे हैं।

एक पॉजिटिव बात यह है कि अब हर राज्य की सरकार को पता है कि फिल्म शूटिंग से वहां लोकल इकोनॉमी को काफी मदद मिलती है। इसलिए हर सरकार तय प्रोटोकॉल के साथ शूटिंग शुरू करने में सहायता कर रही है। जैकब कहते हैं कि अभी कोरोना के हालात कितने समय तक रहेंगे, ये पता नहीं। ऐसी स्थिति में हर प्रोडक्शन कंपनी को एक हाइजीन ऑफिसर नियुक्त करना चाहिए। यह ऑफिसर हर प्रकार के कोरोना प्रोटोकॉल सुनिश्चित कर सकते हैं। भारत में ऐसी प्रैक्टिस नहीं है, लेकिन अगर इस हालात में लंबे समय तक शूटिंग जारी रखना है, तो यही फॉलो करना होगा।

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