रिटायर्ड IPS के बेटे की जालसाजी: नर्मदा में लीज दिलाने के नाम पर सूरत के बिल्डर से 40 लाख की ठगी, मांगे थे 80 लाख रुपए

रिटायर्ड IPS के बेटे की जालसाजी: नर्मदा में लीज दिलाने के नाम पर सूरत के बिल्डर से 40 लाख की ठगी, मांगे थे 80 लाख रुपए

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जालसाजी का आरोपी नीरव जेबलिया की फाइल फोटो।

सूरत में एक रिटायर्ड आईपीएस के बेटे द्वारा भुज में नमक उद्योग व नर्मदा नदी से मिट्टी निकालने का लीज लाइसेंस दिलवाने का झांसा देकर सूरत के एक व्यापारी के साथ 40 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी बीएस जेबलिया के बेटे नारायणपुरा अहमदाबाद निवासी नीरव जेबलिया ने सरथाणा जकातनाका पंचवटी सोसायटी निवासी जमीन दलाल व कारोबारी गोपाल रादडिया के साथ ठगी की। रादडिया की 2019 में एक मित्र मुकेश बोघरा के जरिए नीरव से पहचान हुई थी।

रादडिया को नीरव ने बताया था कि गांधीनगर में कई मंत्रियों व प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ उसकी जान-पहचान है। अगर भुज में नमक उद्योग या नर्मदा नदी से मिट्टी निकालने के लिए सरकारी जमीन लीज चाहिए तो काम करवा दूंगा। उसने अपने मोबाइल में कई मंत्रियों व आला अधिकारियों के सेव किए हुए नम्बर भी दिखाए। साथ ही यह भी बताया कि कई अधिकारियों के ट्रांसफर का काम भी वह करवा चुका है। उसकी बातों से प्रभावित होकर गोपाल ने जुलाई 2019 में उसे सरकारी जमीन लीज पर दिलवाने के बारे में बात की।

नीरव सूरत आकर गोपाल से मिला और काम कराने के लिए 80 लाख रुपए की मांग की। मित्र मुकेश के साथ मिल कर बातचीत करने के बाद वह 60 लाख रुपए में उनका काम करने के लिए तैयार हो गया। उसने 40 लाख रुपए अग्रिम मांगे जो गोपाल ने दे दिए। बाद में गोपाल ने अपने काम को लेकर फोन किया तो उसने कहा कि आपकी फाइल कलक्टर ऑफिस में पहुंच गई है, जल्दी काम हो जाएगा।

लंबे इंतजार के बाद भी बात नहीं बनी। इस बीच गोपाल ने कई बार फोन किए लेकिन वह उन्हें टालता रहा और शेष 20 लाख रुपए की मांग करता रहा। काम होने का जब कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला तो गोपाल ने अपने परिचित अधिकारियों व अन्य लोगों से पूछताछ की। सभी ने उसके साथ ठगी होने की आशंका जताई।

गोपाल ने मुकेश के साथ अहमदाबाद जाकर नीरव से मुलाकात की और अपने रुपए वापस मांगे। बातचीत के बाद गोपाल ने नीरव से रुपए उधार लेने का प्रोमेसरी नोट बनाया और उससे 20-20 लाख रुपए दो चैक लिए। लौटने पर गोपाल को पता चला कि जिस अकाउंट के चैक दिए थे, वह पहले ही बंद हो चुका था। इस पर गोपाल ने पुलिस से संपर्क कर लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया।

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