पुलिस की मनमानी: युवक को छुड़ाने थाने गया था जमानतदार, पुलिस बोली- पहले फुल पैंट पहनकर आओ तब छोड़ेंगे

पुलिस की मनमानी: युवक को छुड़ाने थाने गया था जमानतदार, पुलिस बोली- पहले फुल पैंट पहनकर आओ तब छोड़ेंगे

Spread the love

थाने में पुलिसकर्मी खुद बिना मास्क के थे

  • मास्क न पहनने के आरोप में फूड डिलीवरी कर्मी को पकड़ा, जुर्माना न देने पर थाने लाए

पुलिस ने फूड डिलीवरी कर्मी को बिना मास्क के घूमने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। तब भाई की जमानत लेने के लिए दोस्त को लेकर थाने पहुंचा। दोस्त भी उस समय हाफ पैंट पहने हुए था, यह देख पुलिसकर्मी ने उसे थाने से भगा दिया और कहा कि वह पहले फुल पैंट पहनकर आए।

सोमवार को हुए इस पूरे मामले पर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर का कहना है कि शिष्टाचार सिखाने के लिए यह किया गया था। इस मामले की पीड़ित पक्ष एक वकील मेहुल बोरा से मिलने पहुंचा, वकील ने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है।

पुलिसकर्मी बोले- बाहर जाओ फुल पैंट पहनो

जयेश ने जमानत की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए दोस्त के साथ थाने पहुंचा, दोस्त ने उस समय हाफ पैंट पहने हुए था। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और हाफ पैंट पहनकर आने पर बहस करना शुरू कर दिया। पुलिस वालों ने कहा कि जमानत लेने वाला व्यक्ति हाफ पैंट में है, तो यहां से जमानत नहीं मिलेगी। पुलिस ने कहा कि बाहर पैंट बदलकर आओ तभी जमानत मिलेगी।

मास्क न पहनने पर पकड़ा

मास्क न पहनने पर पकड़ा | पीड़ित के भाई जयेश गुर्जर ने बताया कि 24 मई के शाम लगभग 6:00 बजे भाई फूड डिलीवरी कंपनी के कस्टमर को खाना पहुंचाने जा रहा था। अठवा थाने के पुलिसकर्मी ने उसे रोका और जबरन मास्क नहीं पहनने का आरोप लगाकर 1000 का जुर्माना देने को कहा।

पुलिसकर्मी बोले- बाहर जाओ फुल पैंट पहनो

जयेश ने जमानत की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए दोस्त के साथ थाने पहुंचा, दोस्त ने उस समय हाफ पैंट पहने हुए था। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और हाफ पैंट पहनकर आने पर बहस करना शुरू कर दिया। पुलिस वालों ने कहा कि जमानत लेने वाला व्यक्ति हाफ पैंट में है, तो यहां से जमानत नहीं मिलेगी। पुलिस ने कहा कि बाहर पैंट बदलकर आओ तभी जमानत मिलेगी।

पुलिस का बयान- जो हुआ, सही हुआ

पुलिस इंस्पेक्टर डीएस कोरट से पूछा गया कि क्या थाने में हाफ पैंट पहनकर नहीं आ सकते है, तो उन्होंने अपने पुलिसकर्मियों का बचाव करते हुए कहा कि यहां पर शिष्टाचार चलता है, जो हुआ है वह सही हुआ है। जब एसीपी एनएस देसाई से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में जानकारी नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *