महामारी के दौरान प्रेग्नेंसी? IVF तकनीक की मदद लेनेवाले जोड़ों के लिए अहम टिप्स

महामारी के दौरान प्रेग्नेंसी? IVF तकनीक की मदद लेनेवाले जोड़ों के लिए अहम टिप्स

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महामारी के बीच इन विट्रो फर्टिलाइजेशन अर्थात आईवीएफ तकनीक या बांझपन उपचार से प्रेग्नेंसी का मंसूबा बनाना चुनौतीपूर्ण मुद्दा है. बांझपन का उपचार करानेवाले ज्यादातर मरीज आईवीएफ तकनीक से इलाज और परामर्श को स्थगित कर रहे हैं. उनका कहना है कि स्थिति सामान्य होने पर सोचा जाएगा. बार-बार अस्पताल जाने से संक्रमित होने का भय और आशंका है. चूंकि, कोरोना वायरस का संक्रमण इंसानों के लिए नया है, इसलिए प्रेगनेन्ट महिला और भ्रूण पर उसका प्रभाव पूरी तरह समझा नहीं जा सकता है, लेकिन मिसकैरेज, वक्त से पहले जन्म या जन्म दोष की ज्यादा घटना के सबूत का डेटा उपलब्ध नहीं है.

अमेरिका में प्रेगनेन्ट महिलाओं पर किए गए रिसर्च में कोविड-19 टीकाकरण प्रेगनेन्सी के दौरान या इलाज कराते वक्त सुरक्षित समझा गया है. टीकाकरण कराने के बाद प्रेगनेन्सी के लिए मंसूबा बनाने में देर करने की जरूरत नहीं है. अभी इसको साबित करने के लिए अतिरिक्त डेटा की जरूरत है. प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण कर पाने में अक्षम जोड़े अक्सर आईवीएफ तकनीक की मदद लेते हैं. फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में आईवीएफ तकनीक जोड़े को संतान पाने में मदद कर सकती है.

लिहाजा, वर्तमान परिस्थिति में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के लिए मंसूबा बनाना विशुद्ध रूप से एक व्यक्तिगत पसंद है. आपको बता दें कि फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को सीमित करनेवाली गाइडलाइन्स नहीं है. इसलिए, आईवीएफ उपचार करानेवाले जोड़ों के लिए मुख्य टिप्स को ध्यान में रखना होगा. इलाज करानेवाले जोड़ों को सकारात्मक, स्वस्थ, शांत और भावनात्मक रूप से संतुलित रहना चाहिए.

 तकनीक की मदद लेनेवाले जोड़ों के लिए मुख्य टिप्स नाक और मुंह को उचित तरीके से ढंकनेवाले मास्क का पहनना.चेहरा छूने के बाद सफाई और हाथ को बार-बार सैनेटाइज करना. कम से कम लोगों के बीच शारीरिक संपर्क को बनाना. गैर जरूरी बाहर निकलने से परहेज करना, सोशल डिस्टेंसिंग बनाना. इलाज के दौरान अपने डॉक्टर की सलाह का गंभीरतापूर्वक पालन करना. बहुत ज्यादा तीमारदारों को अपने साथ अस्पताल ले जाने से बचना. स्वस्थ खाना और संतुलित डाइट बनाए रखना, जंक, प्रोसेस्ड फूड से परहेज. खुद को शांत और स्वस्थ रखने के लिए मेडिटेशन, योग, सांस का व्यायाम करना. डायबिटीज, लिवर, किडनी, लंग, हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लेना.
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