एक्सक्लूसिव: राजकोट के एक युवक ने 6 बार म्यूकरमाइकोसिस को मात दी, अब 7वीं बार न्यूरो सर्जरी की चुनौती; पत्नी की हिम्मत को सलाम

एक्सक्लूसिव: राजकोट के एक युवक ने 6 बार म्यूकरमाइकोसिस को मात दी, अब 7वीं बार न्यूरो सर्जरी की चुनौती; पत्नी की हिम्मत को सलाम

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पत्नी चांदनीबेन के साथ विमल जोशी की फाइल फोटो।

कोरोना की दूसरी घातक लहर के बाद अब म्यूकरमाइकोसिस यानी की ब्लैक फंगस महामारी मुंह बाए खड़ी है। इस घातक बीमारी का लंबा और महंगा इलाज मरीज और उसके परिवार को आर्थिक और शारीरिक रूप से तोड़कर रख दे रहा है। इसके चलते बीमारी का नाम सुनते ही मरीज का आत्मविश्वास डगमगा जाता है।

ऐसे में राजकोट के एक युवक विमल जोशी के आत्मविश्वास की कहानी सुनकर कमजोर से कमजोर मरीज को हिम्मत आ जाएगी। क्योंकि, म्यूकरमाइकोसिस के मरीज विमल जोशी की एक-दो नहीं, बल्कि पिछले पांच महीनों में 6 जटिल सर्जरी हो चुकी है और अब उनकी सातवीं सर्जरी होने जा रही है।

हाल ही में ब्रेन में म्यूकरमाइकोसिस डिटेक्ट हुआ, जिसके चलते उनके सिर में एक बारीक सा छिद्र हो गया है।

हाल ही में ब्रेन में म्यूकरमाइकोसिस डिटेक्ट हुआ, जिसके चलते उनके सिर में एक बारीक सा छिद्र हो गया है।

हालांकि, विमल जोशी के इस आत्मविश्वास को बनाए रखने का श्रेय उनकी पत्नी चांदनी जोशी को भी जाता है, जो पिछले पांच महीनों से पति के साथ खुद भी तमाम तरह की मुश्किलें सह रही हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि सातवीं सर्जरी भी सफल रहेगी और वे उनके साथ घर लौटेंगी। दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में चांदनीबेन ने बताया कि इलाज में पूरी जमा-पूंजी के साथ मकान तक बिक चुका है। इलाज में अब तक 41 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं और अभी भी उन्हें 10-15 लाख रुपए की जरूरत है।

विमल जोशी का इलाज कर रहे राजकोट के डॉक्टरों के बताए अनुसार यह केस उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। क्योंकि, विमल की अब तक 6 जटिल सर्जरी हो चुकी है। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करने वाले विमल नवंबर महीने से अस्पताल में हैं। वे कोरोना की पहली लहर की चपेट में आए थे। कोरोना से ठीक हुए तो म्यूकरमाइकोसिस की चपेट में आ गए और अब तक उससे निजात नहीं पा सके हैं।

दवाओं का कोर्स पूरा होने के बाद ही उनकी न्यूरो सर्जरी की जाएगी।

दवाओं का कोर्स पूरा होने के बाद ही उनकी न्यूरो सर्जरी की जाएगी।

7वीं बार म्यूकरमाइकोसिस डिटेक्ट हुआ
चांदनी बताती हैं कि विमल की अभी तक चार लेप्रोस्कॉपी, 1 फोरहेड और एक बार ब्रेन सर्जरी हो चुकी है। हमने मान लिया था कि अब वे पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, तभी उनके ब्रेन में फिर से म्यूकरमाइकोसिस डिटेक्ट हुआ, जिसके चलते उनके सिर में एक बारीक सा छिद्र हो गया है और अब न्यूरो सर्जरी की तैयारी की जा रही है।

किडनी पर असर होने के चलते 96 हजार रुपए की दवाएं
कई बार सर्जरी के चलते विमलभाई की किडनी पर गंभीर असर होने से महंगी दवाएं लेनी पड़ रही हैं। अभी उन्हें 96 हजार रुपए की दवाओं की जरूरत है। इन दवाओं का कोर्स पूरा होने के बाद ही उनकी न्यूरो सर्जरी की जाएगी।

12 लाख रुपयों की जरूरत है
चांदनीबेन बताती हैं कि घर का सारा पैसा इलाज में खर्च हो चुका है। कई परिचितों-रिश्तेदारों से भी आर्थिक मदद ले ली है। मकान भी बिक चुका है। इसलिए अब बिल्कुल पैसे नहीं बचे। अब विमल की न्यूरो सर्जरी होनी है, जिसके चलते उन्हें 12 लाख रुपए की जरूरत है। भास्कर की खबर के जरिए उन्हें आशा है कि लोग या सामाजिक संस्था उनकी मदद के लिए आगे आ जाए। चांदनीबेन का आईसीआईसीआई बैंक में 624801521246 अकाउंट नंबर है।

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