संघ को भाजपा की साख की फिक्र: RSS की मोदी-शाह के साथ मीटिंग, यूपी में कोरोना के बदतर हालात और इसके चुनावों पर असर पर चर्चा

संघ को भाजपा की साख की फिक्र: RSS की मोदी-शाह के साथ मीटिंग, यूपी में कोरोना के बदतर हालात और इसके चुनावों पर असर पर चर्चा

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बैठक में कोरोना के चलते भाजपा की जो छवि लोगों में बनी है, उस पर गंभीर चिंता जाहिर की गई। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर संघ फिक्रमंद है। इसी को लेकर संघ ने रविवार को एक मीटिंग की है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा भी शामिल थे। बैठक में उत्तर प्रदेश में कोरोना के प्रभाव और इसके चुनावों पर होने वाले असर को लेकर चर्चा की गई।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद पार्टी और संगठन स्तर पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं ताकि उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों से पहले पार्टी की छवि को पहुंचे नुकसान की भरपाई की जा सके। इस बैठक में संघ प्रमुख दत्तात्रेय होसबोले, उत्तर प्रदेश में संगठन के प्रमुख सुनील बंसल भी शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, कोरोना के चलते भाजपा की जो छवि लोगों में बनी है, उस पर गंभीर चिंता इस बैठक में जाहिर की गई।

भाजपा की फिक्र- मोदी पर सीधे हमले
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मोदी पर हो रहे सीधे हमलों से भाजपा परेशान है। दूसरी लहर ने देश को झकझोर दिया है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की तैयारियां सबके सामने उजागर हो गई हैं। इसके अलावा वैक्सीन, ऑक्सीजन, बेड और दवाओं की कमी ने तैयारियों की खामी को उजागर किया है।

उत्तर प्रदेश कोरोना से बुरी तरह प्रभावित होने वाले राज्यों में शामिल है। गंगा में बहती लाशों ने तो प्रदेश में होने वाली मौतों की सच्चाई को सबके सामने रख दिया। कोरोना की स्थित को संभालने को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। इस पर भी प्रश्नचिह्न है कि उत्तर प्रदेश में टेस्ट और केसों के आंकड़े वाकई सच्चे हैं?

नड्डा ने की कार्यकर्ताओं से कोरोना प्रभावितों की मदद की अपील
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पिछले हफ्ते भाजपा शासित राज्यों को एक चिट्ठी भेजी है। इसमें कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे 30 मई को मोदी के कार्यकाल के 7 साल पूरे होने पर कोई आयोजन न करें। नड्डा ने कहा कि कार्यकर्ता इस मौके पर समाजसेवा का काम करें।

नड्डा ने लिखा कि उन बच्चों की मदद करें, जिन्होंने कोरोना में अपने मां-बाप को खो दिया है। उनकी हरसंभव मदद करें और उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित करें। यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। भाजपा शासित राज्यों में मोदी सरकार के 7 साल पूरे होने पर इस स्कीम को लॉन्च करने का विचार है। भाजपा ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वो अस्पतालों में बिस्तर, दवाइयों और ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में भी मदद करें।

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